Khunti : बेरोजगारी की मार झेल रहे खूंटी जिले के युवा आज भी बेहतर जीवन यापन की तलाश में दूसरे प्रदेशों का रुख करने को मजबूर हैं। गरीबी और काम की तलाश में महिलाएं, पुरुष और यहां तक कि कम उम्र के बच्चे भी रोज़गार की तलाश में प्रदेश जाते हैं। लेकिन कई बार यह सफर उनके परिवार के लिए दुख और दर्द का सबब बन जाता है। 
इसी कड़ी में सोमवार को जिले के कर्रा प्रखंड के हारू हप्पा गांव के चार युवक तमिलनाडु कमाने के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान अचानक हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक, यात्रा के बीच में ही हारू हप्पा निवासी कोंदा संगा (उम्र लगभग 30 वर्ष) की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। मानसिक असंतुलन के कारण उसने चलती ट्रेन से अचानक छलांग लगा दी।
साथ में यात्रा कर रहे उसके भाई और अन्य साथियों ने तत्काल काफी खोजबीन की, लेकिन कोंदा संगा का कहीं पता नहीं चल सका। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पत्नी की गुहार
कोंदा संगा की पत्नी सुनीता केरकेट्टा छोटे बच्चे को गोद में लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही है। पति के लापता होने से बेसहारा हुई सुनीता ने परिजनों के सहयोग से कर्रा थाना में मामला दर्ज कराया है। इसके साथ ही हटिया रेलवे पुलिस को भी लिखित आवेदन देकर पति की तलाश की गुहार लगाई है। 
मानव तस्करी और पलायन की समस्या बरकरार
खूंटी जिला झारखंड का पिछड़ा इलाका है, जहां रोजगार के अवसर बेहद सीमित हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में यहां के युवा, महिलाएं और किशोर रोज़गार की तलाश में राज्य से बाहर जाते हैं। इनमें से कई लोग मानव तस्करों का शिकार भी बन जाते हैं। पुलिस प्रशासन समय-समय पर छापेमारी कर ऐसे पीड़ितों को मुक्त कराती है, लेकिन यह समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
कोंदा संगा के लापता होने की खबर ने एक बार फिर खूंटी जिले के लोगों के सामने मजबूरी और बेरोजगारी की भयावह तस्वीर को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस गरीब परिवार को न्याय दिलाने और कोंडा संगा की तलाश में कितनी तेजी दिखाती है।



