PLAMU: झारखंड के पलामू जिले में बुधवार देर रात पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। शहीद जवानों की पहचान संतन मेहता और सुनील राम के रूप में हुई है। वहीं घायल जवान रोहित कुमार का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।
घटना मनातू थाना क्षेत्र के केदल जंगल में हुई। यह इलाका टीपीसी के 10 लाख इनामी कमांडर शशिकांत गंझू का गढ़ माना जाता है। संयोग से उस समय पास के गांवों में करमा पर्व मनाया जा रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शशिकांत गंझू और उसका दस्ता इलाके में सक्रिय है और दहशत फैला सकता है। इसी सूचना पर पुलिस ने बुधवार शाम करीब 7 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जैसे ही पुलिस इलाके में पहुंची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से चली गोलियों में दो जवान शहीद हो गए। शुरुआती सूचना के अनुसार, कुछ नक्सलियों के भी मारे जाने या घायल होने की संभावना जताई जा रही है। शहीद जवानों में संतन ने 2012 में और सुनील ने 2011 में पुलिस सेवा जॉइन की थी।

डीआईजी नौशाद आलम ने बताया कि ऑपरेशन में जिला पुलिस, आईआरबी और एसटीएफ की दो टीमें शामिल थीं। इसमें करीब 50 जवान थे। वहीं नक्सलियों की संख्या लगभग 12 बताई जा रही है।
घायल जवान रोहित कुमार को रात 2 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। डॉ. सुशील और डॉ. प्रवीण सिद्धार्थ की टीम उनकी देखरेख कर रही है। इस दौरान पलामू की पुलिस कप्तान रिष्मा रमेशन भी अस्पताल पहुंचीं और घायल जवान का हालचाल लिया।
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पलामू एसपी, डीएसपी सहित कई वरीय अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। वहीं, शहीद जवानों के सम्मान में पुलिस लाइन ग्राउंड में उन्हें सलामी दी जाएगी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय से चार सदस्यीय टीम मनातू पहुंची है। इसमें सीआरपीएफ और वरीय पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सभी अधिकारी घटना की विस्तृत जानकारी लेंगे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि यह क्षति बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि वीर सपूतों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी।



