Khunti : भारी बारिश के बावजूद खूंटी समाहरणालय के समक्ष मंगलवार को आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से सैकड़ों की संख्या में सेविकाएं और सहायिकाएं जुटीं और सरकार से अपने लिए सम्मानजनक मानदेय व सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। 
धरना स्थल पर मौजूद सेविकाओं ने कहा कि उन्हें वर्तमान समय में मिलने वाला मानदेय परिवार के भरण-पोषण के लिए बेहद अपर्याप्त है। ऊपर से सरकार द्वारा FRS (फील्ड रिपोर्ट सर्विस) और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) जैसे अतिरिक्त कार्य थोप दिए गए हैं, जिससे उनके सामने और भी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। नई-नई प्रविष्टियां ग्राम सभा रजिस्टर और वोटर लिस्ट में जोड़ने का काम FRS से करने में तकनीकी बाधाएं आती हैं, जिससे उन्हें कई बार घंटों तक जूझना पड़ता है। वहीं BLO का काम करते समय उन्हें लगातार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिस पर उनका पूरा मानदेय ही खर्च हो जाता है। सेविकाओं का कहना है कि ऐसी स्थिति में उनके घर-परिवार का गुजारा बेहद कठिन हो गया है।
सेविकाओं ने यह भी मांग रखी कि जिस प्रकार बंगाल और गुजरात राज्यों में आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं को सम्मानजनक वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, उसी तर्ज पर झारखंड में भी सभी सेविका-सहायिकाओं को उचित मानदेय और सुविधाएं दी जाएं।
धरना प्रदर्शन में शामिल सेविकाओं ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी। धरना में खूंटी जिला भर से आई सैकड़ों सेविकाएं-सहायिकाएं मौजूद थीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब वे अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगी।



