रांची: राजधानी रांची स्थित पुराना विधानसभा परिसर के विधायक आवास परिसर में आज दिसोम गुरु शिबू सोरेन को दी गई श्रद्धांजलि, जिसमें विधायक सुदीप गुड़िया,विधायक रामसूर्या मुंडा,जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद नें गुरूजी को मौन श्रद्धांजलि दिया। दिशूम गुरु शिबू सोरेन के निधन से विधायक सुदीप गुड़िया, विधायक रामसूर्या मुंडा, जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद सहित जिले के झामुमो कार्यकर्त्ता स्तब्ध व शोकाकुल है। गुरूजी के निधन की खबर सुनकर जिले के झामुमो कार्यकर्त्ता विधायक सुदीप गुड़िया के आवास के पास जुटे। कार्यकर्ताओं नें दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। 
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया नें कहा कि आज हमने अपना अभिभावक खो दिया, उन्होंने कहा कि बाबा हमलोग के प्रेरणाश्रोत होने के साथ साथ हमारे आदर्श भी हैं उनका नहीं रहना झारखण्ड के लिए अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। सुदीप गुड़िया ने आगे कहा कि जब वो पार्टी से जुड़े थे तब उनसे गुरु जी ने कहा था कि, सत्ता आएगी जायेगी परन्तु लोग नहीं बदलनी चाहिये। अपने लोगों की चिंता करो, इनकी आवाज बनो।
खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा कि गुरूजी नें झारखंड अलग राज्य के लिए लड़ाई लड़ी उनके द्वारा लड़ी गयी लंबी लड़ाई व किये गए संघर्ष की बदौलत अलग राज्य का निर्माण हुआ उनका नहीं रहना झारखण्ड के लिए अपूरणीय क्षति है।
वहीं इस दुःख की घड़ी में झामुमो के खूंटी जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि हमने एक पिता तुल्य अभिभावक को खो दिया। गुरूजी जब झारखण्ड अलग राज्य के लिए आंदोलन कर रहे थे! उस आंदोलन में उनके साथ बिताये पल याद है। कई बार जेल भी जाना पड़ा गुरूजी हमेशा कहा करते थे, बेटा मत घबराना एक दिन हम अपने उद्देश्य में सफल जरूर होंगे और ऐसा ही हुआ। गुरूजी के संघर्ष की बदौलत झारखण्ड अलग राज्य का निर्माण हुआ। हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए हेमंत सोरेन के नेतृत्व में काम करते रहेंगे।
इस श्रद्धांजलि सभा में झामुमो जिला सचिव सुशील पाहन, संगठन सचिव प्रदीप केशरी, सहसचिव मोजीर अंसारी, तोरपा प्रखंड अध्यक्ष रुबेन तोपनो,मकसूद अंसारी, अमित बडिंग, राहुल केशरी, तन्नू अंसारी , फूल अहमद, भोलानाथ लाल, अरमान तोपनो, सलन ओड़ेया, डिकसन पूर्ति, तौकीर अंसारी, वीरेंद्र सिंह, तौसीफ़ अंसारी, असगरी खातून,प्रकाश नाग मुंडा,विनोद उरांव, भोला साहू , विनोद सांगा,नोत्रोत,शेखर फिरोज,अनिल कश्यप,सीता नाग, सिंगराय कंडुलना, छतरी हेमरोम, आदि शामिल थे!



