खूंटी: खूंटी तोरपा मुख्य सड़क पर पेलोल के पास बनई नदी पर बने पुल के टूटने से आवाजाही का सारा भार ग्रामीण सड़कों पर आ गई है जिससे कि उस सड़क पर आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से अबतक कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। हालांकि पुल के बगल से डायवर्सन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन उसका काम शुरू होते हीं खत्म हो गया। कुल मिलाकर अगर बात करें तो लोगों के आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया। और आधा अधूरा बने डायवर्सन को पानी के तेज बहाव अपने साथ बहाकर ले गया।

जिसके बाद से उसे बनाने को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं दिखाई दे रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उसपर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं और संबंधित विभाग व स्थानीय जिला प्रशासन लीपापोती करने में जुटी हुई है। जिसका नतीजा है कि वैकल्पिक मार्ग जो एक ग्रामीण सड़क है जिसपर भारी और लंबे वाहनों के परिचालन से सड़क दुर्घटना में इजाफा हो रहा है। बड़ी और छोटी गाड़ियां सड़क से नीचे गिरकर पलट जा रहा है।

एक से दो दिन पूर्व में एक ट्रेलर पलट गया था और एक बस और कार में भिड़ंत हो गई थी बाइक वाले भी बड़ी गाड़ियों के डर से सड़क से नीचे जा गिरे थे तो वहीं रविवार को एक लंबे वाहन यानी ट्रेलर सड़क से नीचे नाले में जा गिरा। इन सभी हादसे का वजह है छोटी सड़क और तीखा मोड जो हैवी वाहनों के परिचालन के ख्याल से डिजाइन नहीं किया जाता है।
कुंजलामोड़ से जुर्दाग और अंगराबारी को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ हफ्तों में इस मार्ग पर कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालांकि अबतक हुए हादसे में किसी की जान नहीं गई है।स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क अब जर्जर होने लगा है। जगह-जगह गड्ढे होने लगा है और संकरी मोड़ दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो गई है।
इस सड़क का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह क्षेत्र के कई गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। वहीं, स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने के लिए भी ग्रामीण इसी मार्ग पर निर्भर हैं।अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या का समाधान करता है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और अनचाहे हादसों पर लगाम लगाई जा सके।



