Hazaribagh : नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर कांग्रेस की राज्यव्यापी प्रेसवार्ता के दौरान हजारीबाग में एक ऐसा वाकया सामने आया, जब पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अपने ही बयान को लेकर सवालों के घेरे में आ गए। प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों ने जब झारखंड में हुई परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए तो कांग्रेस नेता सीधा जवाब देने से बचते नजर आए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर पार्टी राज्यभर में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों—जैसे पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी—को लेकर प्रेसवार्ता कर रही है।
इसी अभियान के तहत हजारीबाग पहुंचे प्रदेश प्रवक्ता भागीरथ पासवान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए।
हालांकि, प्रेसवार्ता के दौरान जब उनसे पूछा गया कि झारखंड में भी कई परीक्षाएं रद्द हुई हैं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी हुई है और राज्य की परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते रहे हैं, तो वह इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह राज्य सरकार से बातचीत करेंगे।
इस मौके पर झारखंड के पूर्व मंत्री एवं हजारीबाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने भी केंद्र सरकार की शिक्षा, परीक्षा और रोजगार नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज देश का छात्र अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट, यूजीसी-नेट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार युवाओं का विश्वास कायम रखने में विफल रही है। उनका कहना था कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए, वहीं पत्रकारों द्वारा झारखंड की स्थिति पर पूछे गए सवाल भी चर्चा का विषय बने।


