झारखंड में 30 जून से शुरू होने वाले विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को निर्वाचन सदन में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक का उद्देश्य पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाना तथा राजनीतिक दलों की शंकाओं का समाधान करना था।
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि सभी दलों की सक्रिय भागीदारी इस प्रक्रिया की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 20 से 29 जून तक प्रशिक्षण और आवश्यक तैयारियों का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। प्रारूप मतदाता सूची 5 अगस्त को प्रकाशित होगी, जबकि दावे और आपत्तियां 4 सितंबर तक स्वीकार की जाएंगी। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि घर-घर सर्वे के दौरान बीएलओ पहले से आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म दो प्रतियों में वितरित करेंगे। यदि किसी घर पर पहली बार संपर्क नहीं हो पाता है तो बीएलओ कम से कम तीन बार वहां जाने का प्रयास करेंगे। इस चरण में मतदान केंद्रों पर कैंप लगाने के बजाय पूरी प्रक्रिया घर-घर जाकर संचालित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाताओं पर दस्तावेजों का बोझ कम करने के लिए ‘सेल्फ’ और ‘पैरेंटल’ मैपिंग की व्यवस्था अपनाई गई है। जिन मतदाताओं का नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सत्यापन को प्राथमिकता देने की व्यवस्था भी की गई है।
बैठक में बताया गया कि मैपिंग के दौरान सामने आने वाली विभिन्न प्रकार की विसंगतियों को दूर करने के लिए बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
बैठक में भाजपा, कांग्रेस समेत सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने प्रक्रिया को लेकर पूछे गए सवालों के संतोषजनक उत्तर मिलने की बात कही, जबकि भाजपा प्रतिनिधियों ने आयोग की तैयारियों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से केवल पात्र नागरिकों का ही मतदाता के रूप में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।


