Deoghar : देवघर जिले के मारगोमुंडा प्रखंड में मनरेगा कर्मियों की 100 दिनों से अधिक समय से चल रही हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। लंबे आंदोलन के बाद रोजगार सेवकों ने दोबारा कामकाज शुरू कर दिया, जिससे प्रखंड में लंबित विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
मनरेगा संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुनील मुर्मू के नेतृत्व में रोजगार सेवक प्रखंड कार्यालय पहुंचे और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शशि संदीप सोरेन को लिखित आवेदन सौंपकर कार्यभार ग्रहण करने की औपचारिक जानकारी दी। काम पर लौटते समय कर्मियों के चेहरों पर संतोष और उत्साह साफ दिखाई दिया।
लंबी हड़ताल के कारण प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा के तहत संचालित कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन और विभिन्न निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, जिससे लाभुकों और मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
प्रशासन लगातार हड़ताली कर्मियों से संवाद कर उन्हें काम पर लौटने की अपील कर रहा था। अधिकारियों की पहल और सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद रोजगार सेवकों ने आंदोलन समाप्त करने और अपनी जिम्मेदारियां फिर से संभालने का निर्णय लिया।
काम पर वापसी के दौरान झुपर मरांडी, राम चंद्र पंडित, अमित कुमार सिंह, संतोष बेसरा, गणेश हांसदा, प्रवीण कुमार सिंह, उदय शंकर पांडेय, विजय कुमार और केवल प्रसाद सहित कई रोजगार सेवक मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक रूप से कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
रोजगार सेवकों की वापसी से अब मनरेगा के तहत लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किए जाने की संभावना है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने और विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि हड़ताल समाप्त होने से मनरेगा योजनाओं का लाभ फिर से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सकेगा और ग्रामीण विकास की रफ्तार में सुधार आएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लंबित कार्यों को कितनी जल्दी पूरा किया जाता है।



