Khunti : झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके स्वयंभू एरिया कमांडर समेत सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। तोरपा और कर्रा थाना क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने इन आरोपियों को दबोचा, जिन पर लेवी वसूली, आगजनी और फायरिंग जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल होने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों में श्रवण दास उर्फ फागुवा दास, सुदर्शन सोय उर्फ सुधीर उर्फ सोना सोय, सलीम बोदरा उर्फ रोडे, सामु डोडराय, विष्णु मांझी उर्फ एडी, हर्षित गुड़िया उर्फ बोयदा पाहन और उमर खान उर्फ नील खान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, श्रवण दास खुद को पीएलएफआई का एरिया कमांडर बताता था और संगठन की गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किए। तोरपा क्षेत्र से एक देसी पिस्टल, एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 21 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और पीएलएफआई के छह पर्चे मिले। वहीं जरियागढ़ थाना क्षेत्र से एक देसी पिस्टल, दो नाली कट्टा, एक मैगजीन और सात जिंदा गोलियां बरामद की गईं।
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि हाल के दिनों में पीएलएफआई के सदस्य सरकारी ठेकेदारों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों से लेवी की मांग कर रहे थे। इसके अलावा सरकारी परियोजनाओं और वाहनों में आगजनी कर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप यह सफलता मिली।
पुलिस पूछताछ में श्रवण दास ने जंगल में अतिरिक्त हथियार छिपाकर रखने की जानकारी दी। हथियार बरामद करने के लिए जब उसे बरवादाग जंगल ले जाया गया, तब वापसी के दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी का हथियार छीनकर भागने और पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार सभी उग्रवादियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे पहले भी विभिन्न मामलों में जेल जा चुके हैं। खासकर हर्षित गुड़िया और श्रवण दास के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क और सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य सामग्री की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य संगठन के पूरे नेटवर्क का पता लगाकर लेवी वसूली और उग्रवादी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


