Khunti: खूंटी जिले के जरियागढ़ थाना क्षेत्र में मुठभेड़,पुलिस और सुरक्षाबलों ने पीएलएफआई (PLFI) उग्रवादियों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। जरियागढ़ थाना क्षेत्र के तिलमी जंगल में हुई भीषण मुठभेड़ के बाद पुलिस ने संगठन के टॉप कमांडर श्रवण दास को घायल अवस्था में काबू कर लिया है। वहीं, उसके दस्ते के आधा दर्जन सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तिलमी जंगल में पीएलएफआई के उग्रवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में एकत्रित हुए हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जरियागढ़ और कर्रा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस की टीम के जंगल में पहुंचते ही उग्रवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें कुख्यात कमांडर श्रवण दास को गोली लग गई।
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और सामग्री बरामद की है। 4 पिस्टल और कई देशी कट्टे। एक दर्जन से अधिक जिंदा कारतूस। संगठन से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज और एक डायरी। पुलिस के अनुसार, बरामद डायरी जांच का मुख्य केंद्र है। इसमें क्षेत्र के कई ठेकेदारों के मोबाइल नंबर और भविष्य में की जाने वाली वारदातों का पूरा ब्योरा दर्ज है। पुलिस को उम्मीद है कि यह डायरी उग्रवादी संगठन के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में ‘मास्टर की’ साबित होगी।
श्रवण दास तोरपा और कर्रा इलाके में दहशत का दूसरा नाम बना हुआ था। उस पर रेलवे कंस्ट्रक्शन साइटों पर गोलीबारी, आगजनी और रंगदारी वसूलने के दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उस पर पीसीए (PCA) जैसी सख्त धाराएं भी लगी हुई हैं।
घायल कमांडर श्रवण दास को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स (RIMS), रांची रेफर किया जा रहा है। एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि फिलहाल जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि संगठन के अन्य फरार सदस्यों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। इस बड़ी सफलता के बाद इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।



