Bokaro : बोकारो जिला परिषद कार्यालय परिसर में आयोजित आम्रलिका आम महोत्सव 2026 किसानों के लिए लाभकारी साबित हुआ। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी करने वाले किसानों ने इस महोत्सव में अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की, जिससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त हुई।
महोत्सव में जिले के नौ प्रखंडों से आए किसानों ने आम्रपाली, मल्लिका, लंगड़ा समेत विभिन्न किस्मों के आमों के स्टॉल लगाए। स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर आमों की खरीदारी की, जिससे आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम का उद्घाटन बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि जिले में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं और किसान इसका प्रत्यक्ष लाभ उठा रहे हैं।
उपायुक्त ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में साढ़े चार एकड़ से अधिक भूमि पर आम की बागवानी विकसित की गई है। इस पहल में पुरुषों और महिलाओं दोनों की सक्रिय भागीदारी रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की जलवायु और मिट्टी आम की खेती के लिए बेहद अनुकूल है। राज्य सरकार और प्रशासन का लक्ष्य झारखंड को देश के प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल करना है।
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महोत्सव में भाग लेने वाले किसान पंचानन महतो ने बताया कि अब तक किसानों ने 12 क्विंटल से अधिक आम बेच लिए हैं। उनके अनुसार, जिस जमीन से पहले बहुत कम आय होती थी, वहीं अब बागवानी के जरिए परिवार की आजीविका बेहतर तरीके से चल रही है।
किसानों का कहना है कि आम की खेती के साथ-साथ वे अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) भी कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। आम्रलिका आम महोत्सव ने न केवल किसानों को बाजार उपलब्ध कराया, बल्कि उनकी मेहनत को पहचान दिलाने का भी काम किया है।



