Ranchi : रांची में राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने जनगणना 2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम और पहचान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर ओबीसी समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों कार्यकर्ता ओल्ड विधानसभा परिसर से आक्रोश मार्च निकालते हुए राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग कार्यालय पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “ओबीसी कोड लागू करो” और “ओबीसी की गिनती सुनिश्चित करो” जैसे नारे लगाए तथा आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग से आती है, लेकिन जनगणना में उन्हें अलग पहचान नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि ओबीसी समुदाय को “अन्य” श्रेणी में रखकर उनके सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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उन्होंने सवाल उठाया कि जब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अलग से आकलन किया जा रहा है, तो ओबीसी समाज के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही। उनके अनुसार, इससे पिछड़े वर्ग की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती और नीतियां भी प्रभावी ढंग से नहीं बन पाती हैं।
राजेश गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि जनगणना में ओबीसी समुदाय का अलग डेटा संग्रह नहीं किया गया, तो उनके लिए लक्षित योजनाएं तैयार करने और अधिकारों की रक्षा करने में गंभीर बाधाएं उत्पन्न होंगी। उन्होंने इसे पिछड़े वर्ग के हितों के खिलाफ बताया।
वहीं, प्रदेश ओबीसी महिला मोर्चा की अध्यक्ष उर्मिला यादव ने भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और पिछड़े वर्ग के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और ओबीसी समुदाय की वास्तविक संख्या तथा स्थिति को दर्ज करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एससी-एसटी की तर्ज पर ओबीसी के लिए भी अलग कोड या कॉलम बनाए जाने से उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का सही आकलन संभव होगा। इससे सरकार को योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और पिछड़े वर्ग के विकास के लिए अधिक प्रभावी नीतियां बनाई जा सकेंगी।



