Breaking News

बोकारो डीटीओ कार्यालय में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई, परिवहन सचिव ने रोका वेतन और मांगा जवाब

Bokaro : बोकारो जिला परिवहन कार्यालय में प्रशासनिक लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। झारखंड के परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन के औचक निरीक्षण के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) का वेतन रोकने का निर्देश जारी किया गया है।

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिनमें कार्यालय में अनुपस्थिति, अव्यवस्थित संचालन और बाहरी लोगों की दखलंदाजी शामिल है। इस पूरे मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, 23 मई को हुए निरीक्षण में डीटीओ मारुति मिंज कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। जब उनकी उपस्थिति के बारे में जानकारी ली गई तो बताया गया कि वह अवकाश पर हैं, लेकिन अवकाश संबंधी कोई आवेदन कार्यालय में उपलब्ध नहीं पाया गया।

निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सचिव को जिला परिवहन कार्यालय तक पहुंचने में कठिनाई हुई और स्थानीय लोगों से पूछकर कार्यालय का पता लगाना पड़ा। भवन पर कार्यालय का नामपट्ट तक नहीं लगा था, जिससे व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठे।

कार्यालय परिसर की हालत भी संतोषजनक नहीं पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार भवन जर्जर स्थिति में था और शौचालय की स्थिति भी अत्यंत खराब थी। इससे कार्यालय की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी उजागर हुई।

सबसे गंभीर अनियमितता लिपिक रामानंद के कक्ष से जुड़ी बताई गई, जहां कई बाहरी व्यक्ति कार्यालय संबंधी कार्य करते पाए गए। इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए सचिव ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और संबंधित लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में भी विभागीय लापरवाही सामने आई। चंदनकियारी क्षेत्र में एक दुर्घटना में तीन लोगों की मौत के मामले में मोटरयान निरीक्षक (MVI) से रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई।

सचिव ने निर्देश दिया कि मृतकों के परिजनों, विशेषकर बच्चों को हिट एंड रन मुआवजा योजना का लाभ दिलाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि जिले में हुई अन्य सड़क दुर्घटनाओं की जांच रिपोर्ट (Accident Investigation Report) भी लंबित थी, जिससे पीड़ितों को मिलने वाली सहायता प्रभावित हो रही है।

सचिव ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार दुर्घटनाओं की जांच, वाहन निरीक्षण, फोटोग्राफी और समयबद्ध रिपोर्टिंग अनिवार्य है, लेकिन इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

इन्हीं गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए डीटीओ का वेतन रोकने और एक सप्ताह के भीतर सभी मामलों पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया गया है।

अब पूरे मामले पर विभागीय कार्रवाई और जवाबदेही तय होने पर नजरें टिकी हैं कि आगे प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विज्ञापन

SWARAJ

त्योहार के मौकेपर धमाकेदार ऑफर

संपर्क करें:- खूंटी- 8210983506 तोरपा - 6203436010

Recent Posts

Tags

Edit Template

About

Print & Digital PR News Release Ranchi,

Recent Post