Pakur: मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों को इन दिनों सत्यापन प्रक्रिया के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। योजना की राशि नहीं मिलने से दर्जनों महिलाएं लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं, जिससे उनमें प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लाभुक महिलाओं का कहना है कि पिछले दो महीनों से उनके खातों में योजना की राशि नहीं आई है। जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही भुगतान किया जाएगा, जिसके लिए उन्हें अंचल कार्यालय पहुंचने को कहा गया।
महिलाओं के अनुसार, अंचल कार्यालय में कुछ लाभुकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाओं को यह कहकर वापस लौटा दिया गया कि जनगणना कार्य में अधिकारी और कर्मचारी व्यस्त हैं। इससे कई महिलाएं असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।
लाभुकों का कहना है कि उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि समय पर दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हुआ तो योजना का लाभ रुक सकता है। इसी कारण वे सामाजिक सुरक्षा कार्यालय भी पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
मामले को लेकर सामाजिक सुरक्षा कोषांग की निदेशक कांति रश्मि ने आधिकारिक बयान देने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर प्रतिक्रिया देने के लिए जिला प्रशासन अधिकृत है। हालांकि, अनौपचारिक रूप से उन्होंने बताया कि लाभुकों की राशि उपलब्ध करा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने जिले के लगभग 1.55 लाख मंईयां सम्मान योजना लाभार्थियों के लिए दो माह की राशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि सीधे लाभुकों के खातों में भेज दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्र की महिलाओं के दस्तावेजों का सत्यापन अंचल कार्यालय के माध्यम से किया जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगले 8 से 10 दिनों के भीतर सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाएगा और महिलाओं को हो रही परेशानियों की समीक्षा कर समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।


