Pakur : मनरेगा के तहत विभिन्न पदों पर लंबित भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उम्मीदवारों का आरोप है कि जिला प्रशासन करीब ढाई वर्षों बाद भी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में विफल रहा है, जिसके कारण दर्जनों अभ्यर्थी लगातार समाहरणालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों ने समाहरणालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे।
अभ्यर्थियों के अनुसार, मनरेगा के तहत रोजगार सेवक, कंप्यूटर सहायक, लेखा सहायक, जूनियर इंजीनियर, सहायक अभियंता और ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर के पदों पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2023 में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित अवधि में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन भी जमा किए थे।
उम्मीदवारों का कहना है कि रोजगार सेवक और कंप्यूटर सहायक के कुछ पदों पर संविदा आधारित नियुक्तियां कर दी गई थीं, लेकिन जूनियर इंजीनियर, सहायक अभियंता, लेखा सहायक और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी जैसे पदों की भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में प्रशासनिक आदेश के तहत पूरी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे लगातार जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने वालों में सुरेंद्र कुमार हेंब्रम, सुनील मरांडी, शिव नारायण साहा, गोपाल आनंद, विक्रम कुमार दास, मिलन रविदास और नवल किशोर सोरेन समेत कई अभ्यर्थी शामिल थे। सभी ने एक स्वर में लंबित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद कुमार लाल ने कहा कि अभ्यर्थियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारणों की जांच की जाएगी और जल्द ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


