Ranchi : विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानी रांची में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “निकोटिन और तंबाकू की लत का आकर्षण बेनकाब करें” के तहत विभिन्न संस्थानों ने लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
इसी क्रम में रांची विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया और तंबाकू मुक्त समाज का संदेश दिया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने हाथों में बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर “तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत” और “कैंसर से बचना है तो तंबाकू छोड़ना है” जैसे नारे लगाए। छात्रों ने लोगों से सिगरेट, गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन छोड़ने की अपील की।
विद्यार्थियों ने कहा कि तंबाकू और निकोटिन आधारित उत्पाद युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। इनके सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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रैली में शामिल छात्रों ने विशेष रूप से राज्य सरकार से मांग की कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर सख्त रोक लगाई जाए। उनका कहना था कि शैक्षणिक संस्थानों के पास दुकानों में तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता युवाओं को इसकी ओर आकर्षित करती है, जिसे नियंत्रित किया जाना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तंबाकू केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। इसके कारण इलाज पर भारी खर्च आता है, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
रांची विश्वविद्यालय के एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. किशोर सुरीन ने कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का उद्देश्य लोगों को तंबाकू और निकोटिन के खतरों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि युवा यदि जागरूक होंगे तो समाज को तंबाकू मुक्त बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जागरूकता ही तंबाकू सेवन रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। साथ ही उन्होंने सभी से अपील की कि वे तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग करें ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन मिल सके।



