Khunti : ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के मौके पर झारखंड के खूंटी जिले से भाईचारे, सौहार्द और इंसानियत की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई। त्योहार के दिन जहां लोग मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा कर खुशियां मना रहे थे, वहीं खूंटी पुलिस ने भी अपनी संवेदनशील पहल से लोगों का दिल जीत लिया। जिले के एसपी Rishabh Garg खुद सड़कों पर उतरे और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं।
त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले एसपी ऋषभ गर्ग ने सिर्फ कानून-व्यवस्था की निगरानी ही नहीं की, बल्कि लोगों के साथ आत्मीयता से मुलाकात भी की। उन्होंने मुख्य चौक-चौराहों और बाजारों में रुककर लोगों से हाथ मिलाया, गले मिले और मिठाइयां बांटकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इस दौरान उनके साथ पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे।
खूंटी पुलिस का यह मानवीय चेहरा लोगों को काफी पसंद आया। आमतौर पर पुलिस को सख्ती और नियमों के पालन से जोड़ा जाता है, लेकिन इस मौके पर पुलिस और जनता के बीच अपनापन देखने को मिला। एसपी ने बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों से बातचीत की और त्योहार को शांति एवं भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।
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सबसे खास दृश्य तब देखने को मिला जब एसपी ऋषभ गर्ग ने छोटे बच्चों को अपने हाथों से चॉकलेट बांटी। रंग-बिरंगे कपड़ों और टोपियों में सजे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों ने भी मुस्कुराते हुए पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद दिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की पहल समाज में विश्वास और एकता को मजबूत करती है।
पुलिस प्रशासन की ओर से जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और आपसी प्रेम बनाए रखने की अपील भी की।
स्थानीय नागरिकों ने खूंटी पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि पुलिस और जनता के बीच इस तरह का संवाद समाज में सकारात्मक माहौल बनाता है। कई लोगों ने इसे “जनता के बीच पुलिस की नई पहचान” बताया।
एसपी ऋषभ गर्ग की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहार सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास को मजबूत करने का अवसर भी होते हैं। खूंटी में बकरीद का त्योहार इस बार सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द और पुलिस-जनता के बेहतर रिश्ते की मिसाल बनकर सामने आया।



