Ranchi : रांची में मुख्यमंत्री Hemant Soren ने सोमवार से राज्य सरकार के विभागों की विस्तृत समीक्षा अभियान की शुरुआत कर दी। यह समीक्षा कार्यक्रम 11 जून तक चलेगा, जिसके तहत सभी प्रमुख विभागों के कामकाज, योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व व्यवस्था की गहन जांच की जाएगी। पहले दिन की बैठक में वाणिज्यकर और वित्त विभाग की समीक्षा की गई।
झारखंड मंत्रालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore, मुख्य सचिव Avinash Kumar, विकास आयुक्त Ajay Kumar Singh, वित्त सचिव Prashant Kumar और वाणिज्य-कर विभाग के सचिव Amit Kumar सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रह, जीएसटी अनुपालन, कर वसूली और बजट के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न कर मदों से प्राप्त राजस्व के आंकड़े प्रस्तुत किए और कर संग्रह में आ रही चुनौतियों तथा संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
विस्तृत समीक्षा के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (GST), वैट, प्रोफेशनल टैक्स और अन्य राज्य स्तरीय करों की वसूली, निगरानी और प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस किया गया। सरकार ने कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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खनन राजस्व को लेकर बैठक में यह बात सामने आई कि झारखंड की स्थिति पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में बेहतर है। अधिकारियों ने बताया कि खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था के कारण राज्य का राजस्व लगातार बढ़ रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने संतोष जताते हुए इसे और मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता जरूरी है और अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभागों में समन्वय के साथ काम किया जाए ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तेज और प्रभावी हो सके। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय से न केवल योजनाओं की गति बढ़ेगी बल्कि संसाधनों का भी बेहतर उपयोग संभव होगा।
कर प्रणाली को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कर चोरी रोकने, स्वैच्छिक अनुपालन बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि राजस्व संग्रह में और सुधार हो सके।
सरकार द्वारा जारी तिथिवार समीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 25 मई से 11 जून तक अलग-अलग विभागों की समीक्षा की जाएगी, जिसमें जल संसाधन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, गृह, कृषि, ऊर्जा, पर्यटन और अन्य प्रमुख विभाग शामिल हैं।
यह पूरा समीक्षा अभियान सरकार के कामकाज की जमीनी स्थिति जानने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



