Dumka : झारखंड के दुमका जिले में बढ़ते बिजली और पेयजल संकट को लेकर सोमवार को पूर्व विधायक और भाजपा नेत्री Sita Soren ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। वह ई-रिक्शा से दुमका समाहरणालय पहुंचीं और उपायुक्त Abhijeet Sinha को ज्ञापन सौंपकर आम जनता की समस्याओं से अवगत कराया।
समाहरणालय पहुंचने के दौरान सीता सोरेन का ई-रिक्शा से आना पूरे परिसर में चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने कहा कि जिले में पिछले कई सप्ताह से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या के कारण घरों में जरूरी उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। खासतौर पर गर्मी के मौसम में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीता सोरेन ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की वजह से पानी सप्लाई की मोटरें भी नहीं चल पा रही हैं। इससे दुमका शहर समेत कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मोहल्लों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। मजबूरी में लोग दूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा नेत्री ने कहा कि बिजली और पेयजल विभाग को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। बच्चों की पढ़ाई भी लगातार बिजली बाधित रहने से प्रभावित हो रही है।
अंत में सीता सोरेन ने उपायुक्त से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और जिले में नियमित बिजली व जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आम जनता के साथ आंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।



