Khunti : झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया के सक्रिय सदस्य राजेश महतो उर्फ राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में लेवी वसूली और उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय बताया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें एनआईए से जुड़ा मामला भी शामिल है।
खूंटी पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने प्रेस वार्ता में बताया कि 12 मई को सूचना मिली थी कि कर्रा थाना का वांछित अभियुक्त और पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य राजेश महतो किसी काम से खूंटी आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गठित की गई और खूंटी-तिरला मार्ग स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान मोहन कुमार उर्फ राजेश महतो उर्फ राजेश यादव, निवासी गायत्री नगर, बेड़ो (रांची) के रूप में बताई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कटमकुकू गांव स्थित एक नवनिर्मित मकान में छापेमारी की, जहां मिट्टी के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक देसी पिस्टल, 7.65 बोर के दो जिंदा कारतूस, पीएलएफआई के पर्चे, तीन मोबाइल फोन और एक छोटा बैग बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री से स्पष्ट संकेत मिलता है कि आरोपी संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और क्षेत्र में उग्रवादी नेटवर्क को मजबूत करने में लगा हुआ था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक राजेश महतो के खिलाफ रांची और खूंटी जिले के बेड़ो, कर्रा, तोरपा और खूंटी थाना क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, उग्रवादी गतिविधियां और रंगदारी वसूली जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह कई वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय रहकर व्यवसायियों और ठेकेदारों से लेवी वसूलता था।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन में “जंगी एप” और “ट्विनमी एप” जैसे संदिग्ध एप भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, ये वही एप हैं जो पहले गिरफ्तार किए गए कई पीएलएफआई उग्रवादियों के मोबाइल में भी पाए गए थे। आशंका जताई जा रही है कि संगठन के सदस्य पुलिस की निगरानी से बचने के लिए इन्हीं एप के जरिए आपस में संपर्क बनाए रखते थे।
एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि संगठन के पूरे नेटवर्क, उसके सहयोगियों और संचालकों तक पहुंचा जा सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और हाल के दिनों में उसने कहां-कहां गतिविधियां संचालित कीं।
उन्होंने यह भी कहा कि खूंटी और आसपास के इलाकों में उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी हाल में क्षेत्र में भय का माहौल बनने नहीं दिया जाएगा।
पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से पीएलएफआई संगठन झारखंड के कई जिलों में लेवी वसूली, धमकी और हिंसक घटनाओं के जरिए सक्रिय रहा है। ऐसे में राजेश महतो की गिरफ्तारी से पुलिस को संगठन के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।



