Bokaro: बोकारो जिले के बेरमो थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय हथियार बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सुभाष नगर स्थित एक सीसीएल क्वार्टर में चोरी-छिपे चल रही अवैध मिनी गन फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मौके से भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण, अर्धनिर्मित पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
इस कार्रवाई की शुरुआत बिहार STF और खुफिया विभाग से मिली गुप्त सूचना के बाद हुई। जानकारी मिलते ही बोकारो पुलिस सक्रिय हुई और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। देर रात बेरमो थाना पुलिस ने क्वार्टर को चारों तरफ से घेरकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अंदर का दृश्य किसी अवैध हथियार फैक्ट्री से कम नहीं था।
बेरमो डीएसपी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि यह अवैध कारोबार राजकुमार सिंह उर्फ बंटी सिंह के घर में चलाया जा रहा था। कमरे के भीतर हथियार निर्माण की पूरी मशीनरी मौजूद थी। पुलिस ने मौके से अर्धनिर्मित पिस्टल, हथियारों के पार्ट्स, ड्रिल मशीन, स्प्रिंग, बैरल और 7.65 एमएम की जिंदा गोली समेत कई उपकरण बरामद किए हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड राजकुमार सिंह उर्फ बंटी सिंह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह तैयार हथियारों की सप्लाई विभिन्न अपराधियों तक करता था और इसका नेटवर्क कई जिलों तथा संभवतः दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित अपराध से जुड़े लोगों को हथियार उपलब्ध करा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध हथियारों की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जा रही थी।
इस घटना के बाद बेरमो, फुसरो और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि रिहायशी इलाके के बीच इतने लंबे समय से अवैध हथियार फैक्ट्री संचालित हो रही थी और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
गौरतलब है कि करीब एक साल पहले भी बेरमो थाना क्षेत्र के गांधीनगर ओपी अंतर्गत जरीडीह बाजार में इसी तरह की अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। उस समय कोलकाता पुलिस और रांची STF की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। लगातार दूसरे राज्यों की एजेंसियों से सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के सूचना तंत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों का भी खुलासा किया जाएगा।


