Hazaribagh: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद झारखंड के हजारीबाग में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिले के ऐतिहासिक मटवारी मैदान में अनोखे अंदाज में जश्न मनाते हुए आम लोगों के बीच झालमुड़ी बांटी और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस आयोजन ने न केवल राजनीतिक माहौल को गर्म किया, बल्कि पारंपरिक स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ को एक नए राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में भी सामने ला दिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार राज्य में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है। इसी खुशी को आम जनता के साथ साझा करने के लिए कार्यकर्ताओं ने मिठाई की जगह झालमुड़ी बांटने का फैसला किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मैदान में पहुंचे और भाजपा नेताओं के साथ इस जीत का जश्न मनाया।
दरअसल, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल के झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान सड़क किनारे एक दुकान पर रुककर झालमुड़ी खाई थी। उस घटना के बाद यह साधारण स्ट्रीट फूड सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में तेजी से लोकप्रिय हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री का इस तरह आम लोगों के बीच जाकर स्थानीय भोजन का आनंद लेना उनके सहज और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व को दर्शाता है। इसी कारण अब झालमुड़ी केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि भाजपा समर्थकों के लिए एक ‘ब्रांड’ और ‘नेशनल ट्रेंड’ बन चुका है।
हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष Vivekanand Singh ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने से विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में राज्य में उद्योग-धंधों का विस्तार होगा, रोजगार बढ़ेगा और भाजपा ने चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए थे, उन्हें धरातल पर उतारा जाएगा। उनके अनुसार, बंगाल की जनता ने परिवर्तन और विकास के नाम पर भाजपा को समर्थन दिया है।
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष Ashok Gop ने कहा कि पहले खुशी जताने के लिए लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाते थे, लेकिन अब यह परंपरा बदलती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि झालमुड़ी अब केवल एक स्थानीय स्नैक नहीं, बल्कि जीत और उत्साह का प्रतीक बन गया है। खासकर हजारीबाग में लोग इसे बड़े उत्साह से खा रहे हैं और भाजपा की जीत को इसी अंदाज में सेलिब्रेट कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोगों को झालमुड़ी खिलाते हुए पार्टी के समर्थन में नारे भी लगाए। मैदान में मौजूद लोगों ने भी इस अनोखे जश्न को दिलचस्प बताया। कई लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजन से राजनीतिक माहौल के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और खानपान को भी नई पहचान मिलती है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे “जनता से जुड़ने का नया तरीका” बताया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अब स्थानीय प्रतीकों और सांस्कृतिक तत्वों के जरिए आम जनता से जुड़ने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। पश्चिम बंगाल की जीत के बाद ‘झालमुड़ी’ का इस तरह राजनीतिक प्रतीक के रूप में इस्तेमाल यह दिखाता है कि पार्टी अब पारंपरिक राजनीतिक जश्न के तौर-तरीकों को भी नए अंदाज में पेश कर रही है।


