Ranchi: रांची में शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज साहू शामिल रहे। इस मुलाकात में पार्टी संगठन की स्थिति, आंतरिक मतभेद और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान नेताओं ने संगठनात्मक एकता बनाए रखने और सार्वजनिक बयानबाजी से बचने पर जोर दिया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि वे पार्टी के कुछ निर्णयों से आहत जरूर हैं, लेकिन पार्टी हित को सर्वोपरि रखते हुए फिलहाल सार्वजनिक बयान नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे पार्टी के झारखंड प्रभारी के. राजू से मुलाकात कर अपनी बात विस्तार से रखेंगे।
चर्चा के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि राधा कृष्ण किशोर ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी हालिया टिप्पणियां पार्टी विरोधी नहीं थीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संगठनात्मक सम्मान से जुड़ी चिंताओं पर आधारित थीं। अंसारी ने कहा कि वरिष्ठ नेता ने 18 मई तक संयम बरतने और अपनी बात पार्टी आलाकमान के समक्ष रखने पर सहमति जताई है।
पूर्व सांसद धीरज साहू ने इस मौके पर कहा कि पार्टी के अंदर किसी भी तरह की बयानबाजी से विपक्ष को राजनीतिक लाभ मिल सकता है, इसलिए सभी मुद्दों को संगठनात्मक मंच पर ही सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने संवाद और समन्वय को पार्टी की मजबूती के लिए जरूरी बताया।
इरफान अंसारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से दलित, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों के अधिकारों की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि राधा कृष्ण किशोर जैसे वरिष्ठ नेता पार्टी के लिए मार्गदर्शक हैं और उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मुद्दों को संगठनात्मक ढांचे के भीतर ही सुलझाया जाएगा।
बैठक में यह भी सहमति बनी कि पार्टी के भीतर संवाद को मजबूत किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या असंतोष को समय रहते दूर किया जा सके। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस एक परिवार की तरह है और सभी निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाएंगे।
इस दौरान पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे और संगठन को मजबूत करने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर सहमति जताई गई।


