Kolkata : कोलकाता में शनिवार को राजनीतिक इतिहास का बड़ा मोड़ देखने को मिला, जब शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां भारी भीड़ और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी समारोह में शामिल हुए, जिससे पूरा मैदान राजनीतिक उत्साह से भर गया।
सूत्रों के अनुसार, विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी में शुभेंदु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद उनके नाम को मुख्यमंत्री पद के लिए औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया गया और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई।
शपथ ग्रहण समारोह में शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच विधायकों ने मंत्री पद की शपथ भी ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक के नाम शामिल हैं। ये सभी नेता राज्य सरकार के नए मंत्रिमंडल का हिस्सा बने।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने इसे पश्चिम बंगाल में “नए राजनीतिक युग की शुरुआत” बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह सरकार राज्य में विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए मॉडल को आगे बढ़ाएगी।
हालांकि, इस राजनीतिक बदलाव पर विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य और केंद्र दोनों जगह मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
कांथी स्थित शुभेंदु अधिकारी के पैतृक घर पर भी जश्न का माहौल देखा गया। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाया और मिठाइयां बांटीं। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेगी तथा विकास की गति तेज करेगी।


