Ranchi: झारखंड में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें आम जनता को राहत पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस भीषण गर्मी में लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पानी या बिजली की आपूर्ति बाधित हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों और पानी के टैंकरों की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि किसी भी क्षेत्र में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। जहां भी शिकायत मिले, वहां तुरंत समाधान किया जाए।
बिजली आपूर्ति पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। ट्रांसफार्मर खराब होने, बार-बार बिजली कटने या अन्य तकनीकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत ठीक किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हीटवेव और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार रहें। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों, ओआरएस, स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल दफ्तरों तक सीमित रहने के बजाय फील्ड में जाकर काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उपायुक्त नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें, आम लोगों से संवाद करें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें।
बैठक में प्रशासनिक समन्वय पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, ताकि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का सामना न करना पड़े। इस बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, वंदना दादेल सहित सभी जिलों के उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



