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खूंटी पड़हा के नाम पर जमीन कब्जाने के विरोध में हिंदू समाज की बैठक, एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान

Khunti: जिले के विभिन्न पड़हा के नाम पर कुछ लोगों द्वारा गांवों की जमीन पर जबरन हल चलाने, खेती करने तथा जमीन मालिकों के साथ कथित मारपीट और धमकी की घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को कर्रा प्रखंड के बिकुवादाग गांव स्थित महादेव मंडा बगीचा में हिंदू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने इन घटनाओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताया और आदिवासी-सदान एकता बनाए रखने की अपील की।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व विधान पार्षद प्रवीण सिंह ने कहा कि जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक न शासन उनकी बात सुनेगा और न ही प्रशासन। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ धर्मांतरित लोग वर्षों से कायम आदिवासी-सदान एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन कब्जाने की नीयत से तथा आदिवासी और गैर-आदिवासी समाज के बीच मतभेद पैदा करने के उद्देश्य से ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

प्रवीण सिंह ने कहा कि समाज संविधान और कानून में विश्वास रखता है, लेकिन किसी भी प्रकार का संगठित अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरना और सनातन समाज की सदियों पुरानी एकता को मजबूत बनाए रखने तथा समाज विरोधी तत्वों का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि जरियागढ़ के ठाकुर जयेंद्र नाथ शाहदेव ने कहा कि राज परिवार पर लगाए जा रहे आदिवासियों की जमीन हड़पने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि जरियागढ़ रियासत के लंबे इतिहास में किसी आदिवासी की जमीन नहीं छीनी गई, बल्कि हजारों एकड़ भूमि का वितरण किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भीड़ के सहारे जमीन कब्जाने और समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करता है तो हिंदू समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेगा।

बैठक में दिलीप शर्मा ने कहा कि समाज की समस्याओं पर न तो सरकार गंभीर है और न ही प्रशासन। उन्होंने कहा कि समाज की आवाज तभी प्रभावी होगी जब सभी लोग एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।

अधिवक्ता कौशल किशोर शर्मा ने भूमि विवाद से जुड़े कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए लोगों से कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करने की अपील की।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे शिव शंकर मिश्रा ने कहा कि पारंपरिक आदिवासी व्यवस्था में पाहन और अन्य पारंपरिक पदों का निर्वहन वही व्यक्ति कर सकता है, जो आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करता हो।

इस दौरान रूपेश सोनी, शिवकुमार केशरी, दिलीप कुमार सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। बैठक के बाद सैकड़ों लोग विभिन्न वाहनों से जरियागढ़ थाना पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की।

कार्यक्रम का संचालन सुधीर सिंह ने किया। मौके पर मदन सिंह, प्रदीप गोप, सदन गोपाल शर्मा, द्वारकाधीश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, रवि शर्मा, अश्विनी शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, अनिल मिश्रा, शिवशरण मिश्रा, रामशरण मिश्रा, नरेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

मंगलवार को होगी बड़ी बैठक

बैठक में निर्णय लिया गया कि हिंदू समाज की अगली बड़ी बैठक 7 जुलाई को चौला पतरा, जम्हार में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा आगामी दिनों में खूंटी में एक विशाल प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने का भी निर्णय लिया गया।

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