Dhanbad : बोकारो के बाद अब धनबाद जिले के मैथन क्षेत्र में भी बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शा (टोटो) और ऑटो के अचानक बंद होने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। स्थानीय चालकों का आरोप है कि कुछ शरारती तत्व BAT-BMS और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़े मोबाइल ऐप के जरिए वाहनों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गुरुवार शाम करीब छह बजे मैथन मेन गेट के पास ऐसी ही एक घटना हुई। टोटो चालक पवन कुमार यात्रियों को लेकर मैथन से कुमारधुबी जा रहे थे। इसी दौरान भीड़भाड़ वाले इलाके में उनके वाहन का मॉनिटर अचानक बंद हो गया और ई-रिक्शा बीच सड़क पर रुक गया, जिससे यात्रियों और चालक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पवन कुमार ने बताया कि इससे एक दिन पहले उनके एक साथी चालक के साथ भी इसी तरह की घटना हुई थी। उनका कहना है कि मैथन क्षेत्र में अब तक करीब आधा दर्जन ई-रिक्शा चालकों ने चलते-चलते वाहन का मॉनिटर बंद हो जाने और दोबारा तुरंत चालू नहीं होने की शिकायत की है। इससे चालकों में भय और असमंजस का माहौल है।
चालकों का आरोप है कि कुछ युवक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से बैटरी चालित वाहनों को दूर से नियंत्रित कर रहे हैं। उनका दावा है कि BAT-BMS और BMS (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए ब्लूटूथ या अन्य वायरलेस तकनीक का इस्तेमाल कर ई-रिक्शा और ऑटो को अचानक बंद किया जा रहा है।
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के ई-रिक्शा चालकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि व्यस्त सड़कों पर वाहन अचानक बंद होने से न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। कई चालकों ने इस मामले की तकनीकी जांच कराने और दोषियों की पहचान करने की मांग उठाई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वाहनों के अचानक बंद होने के पीछे तकनीकी खराबी है या वास्तव में किसी प्रकार की साइबर छेड़छाड़ की जा रही है। अभी तक प्रशासन या पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने मामले को गंभीर बना दिया है।
स्थानीय चालकों ने जिला प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ई-रिक्शा में इस्तेमाल हो रहे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम की तकनीकी पड़ताल कराने और यदि साइबर शरारत की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते इस समस्या पर रोक नहीं लगी तो ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है।



