Ranchi : रांची के मोरहाबादी मैदान में तीन दिवसीय कृषि व्यापार मेले का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। झारखंड कृषि विभाग की पहल पर आयोजित इस मेले का उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है। उद्घाटन समारोह में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
16 से 18 जून तक चलने वाले इस मेले में किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों और कृषि वैज्ञानिकों को एक मंच पर लाया गया है। आयोजन के दौरान दो दर्जन से अधिक विशेषज्ञ और वैज्ञानिक विभिन्न सत्रों में आधुनिक खेती, नवाचार और कृषि व्यवसाय से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।

मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि एवं कृषि व्यापार से जुड़े स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों से उनके उत्पादों तथा खेती के अनुभवों की जानकारी ली। विशेष रूप से आम की प्रदर्शनी एवं बिक्री केंद्र, कृषक पाठशाला और आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन लोगों का ध्यान खींच रहा है।
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उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया। साथ ही कृषि अनुसेवक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे कृषि क्षेत्र में मानव संसाधन को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कृषि को मानव सभ्यता की आधारशिला बताते हुए कहा कि खेती का महत्व सदैव बना रहेगा। उन्होंने शहरीकरण के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनियंत्रित विकास के कारण नदियों, पहाड़ों और जंगलों का नुकसान हो रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए प्रकृति संरक्षण पर गंभीरता से काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए बंजर भूमि पर पौधारोपण और छोटे जल स्रोतों के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने अत्यधिक बोरिंग किए जाने पर भी चिंता जताई और कहा कि यदि अभी से सतर्कता नहीं बरती गई तो आने वाले समय में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग को राज्य के किसानों की मैपिंग कर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित करने का निर्देश दिया।

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इस स्तर का कृषि व्यापार मेला आयोजित किया गया है। उनके अनुसार मेले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आधुनिक कृषि तकनीक, मत्स्य पालन, बागवानी और कम लागत में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर विशेष जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा प्रगतिशील किसानों और विशेषज्ञों के अनुभव साझा किए जाएंगे तथा शाम के समय झारखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।



