Khunti: आदिवासी समन्वय समिति खूंटी, जल-जंगल-जमीन संस्कृति बचाओ समिति, सरना सोतो संगोम समिति, संयुक्त ग्राम सभा समिति एवं परंपरागत ग्राम सभा समन्वय समिति के संयुक्त तत्वावधान में क्रांति सूर्य धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि कचहरी मैदान स्थित प्रतिमा स्थल पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आदिवासी परंपरा अनुसार पूजा-अर्चना की गई और श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के “उल्गुलान” आंदोलन, जल-जंगल-जमीन अधिकार, CNT/SPT कानून, पेसा कानून तथा आदिवासी अस्मिता के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की। आदिवासी समन्वय समिति के संयोजक मार्शल बरला ने बिरसा मुंडा के संघर्ष और उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
परंपरागत ग्राम सभा समन्वय समिति के संयोजक बिनसाय मुंडा, सरना सोतो संगोम समिति की जिला अध्यक्ष दुर्गावती ओड़ेया, जल-जंगल-जमीन संस्कृति बचाओ समिति के जिला अध्यक्ष जोनसन होरो सहित अन्य वक्ताओं ने आदिवासी एकता, परंपरा और अधिकारों की रक्षा को लेकर अपने विचार रखे।
आदिवासी समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष चंद्र प्रभात मुंडा ने अपने संबोधन में बिरसा मुंडा के जीवन, उल्गुलान आंदोलन और ऐतिहासिक संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी समाज को अपनी एकता बनाए रखते हुए उनके विचारों और आंदोलन की भावना को आगे बढ़ाना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने आदिवासी पहचान, संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया तथा बिरसा मुंडा के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बिरसाइत समाज के सदस्य एवं विभिन्न संगठनों के लोग उपस्थित थे।



