Ranchi : रांची में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने झारखंड से प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, लेकिन उनकी उम्मीदवारी को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का समर्थन मिलेगा या नहीं, इस पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस ने उम्मीदवार की घोषणा के बाद उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इस संबंध में प्रदेश स्तर पर पार्टी की राजनीतिक समिति की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं, जिसमें चुनावी गणित और सहयोगी दलों के समर्थन पर चर्चा हो रही है।
दूसरी ओर, झामुमो ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि कांग्रेस द्वारा प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने में मुख्यमंत्री और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की सहमति शामिल थी या नहीं।
मनोज पांडेय ने यह भी कहा कि यदि हेमंत सोरेन की सहमति से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है, तो झामुमो पूरी मजबूती के साथ उनकी जीत के लिए काम करेगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
झामुमो उम्मीदवार के नाम को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। उनके अनुसार राज्यसभा उम्मीदवार के चयन का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा और सही समय आने पर इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
इस बीच, अंजनी सोरेन सहित कुछ नेताओं और समर्थकों द्वारा राज्यसभा के लिए दावेदारी पेश किए जाने की चर्चा भी तेज है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज पांडेय ने कहा कि झामुमो एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां सभी को अपनी बात रखने और दावेदारी जताने का अधिकार है।
अंजनी सोरेन और लता सोरेन के संभावित उम्मीदवार होने संबंधी अटकलों पर भी झामुमो ने कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। मनोज पांडेय ने दोहराया कि उम्मीदवार के नाम का फैसला हेमंत सोरेन करेंगे और नामांकन की अंतिम तिथि से पहले पार्टी उचित समय पर अपना निर्णय सार्वजनिक करेगी।



