Ranchi : झारखंड में बालू की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बालू की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए संजय सेठ ने कहा कि झारखंड में बालू की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यह शोध का विषय बन गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति को एक टीम झारखंड भेजनी चाहिए, ताकि यह अध्ययन किया जा सके कि यहां बालू आखिर सोना कैसे बन गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बालू की भारी किल्लत के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना था कि कई जगहों पर प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी परियोजनाओं के लिए भी दूसरे राज्यों से बालू मंगानी पड़ रही है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं।
संजय सेठ ने दावा किया कि राज्य में बालू के अवैध कारोबार और कालाबाजारी का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे तंत्र में विभिन्न स्तरों पर लोगों की मिलीभगत है, जिसके कारण अवैध वसूली और अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बालू की कमी का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है। घर, शौचालय और छोटे निर्माण कार्य कराने वाले लोगों को या तो बालू नहीं मिल रही है या फिर उन्हें काफी ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध जानकारी साझा करेंगे। उनका कहना था कि बालू के अवैध कारोबार से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की जनता यह जानना चाहती है कि राज्य में बालू संकट के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और अवैध कारोबार से किसे लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर पारदर्शी और प्रभावी कदम उठाने की मांग की, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


