Ranchi : रांची में Bharatiya Janata Yuva Morcha के एक शिष्टमंडल ने Santosh Kumar Gangwar से मुलाकात कर झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत की। लोकभवन में राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में काउंसिल के कामकाज की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए BJYM प्रदेश अध्यक्ष Shashank Raj ने फार्मेसी काउंसिल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि काउंसिल पूरी तरह “वसूली केंद्र” में बदल चुकी है, जहां छात्रों से एडमिशन से लेकर नौकरी तक हर स्तर पर पैसे की मांग की जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन, प्रमाणपत्र सत्यापन, थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा के साथ-साथ इंटर्नशिप तक के लिए कथित तौर पर “रेट चार्ट” तय किया गया है। BJYM का दावा है कि इससे खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शशांक राज ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले करीब 18 महीनों से एक गैर-सरकारी व्यक्ति को रजिस्ट्रार पद का अतिरिक्त प्रभार देकर रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह सब स्वास्थ्य विभाग और सरकार की मिलीभगत से हो रहा है ताकि अवैध वसूली का लाभ ऊपर तक पहुंच सके।
BJYM ने फार्मेसी काउंसिल के कुछ अधिकारियों और पदाधिकारियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है ताकि कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की सच्चाई सामने आ सके।
संगठन ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वर्तमान रजिस्ट्रार को तत्काल पद से हटाया जाए और उन्हें किसी भी प्रकार का सेवा विस्तार न दिया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।
BJYM नेताओं ने कहा कि फार्मेसी शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
अब इस शिकायत के बाद राज्यपाल कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।


