Chaibasa: चाईबासा के सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में मंगलवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी अभियान के तहत जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिलने के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया था। मुठभेड़ के बाद नक्सली अपने कई सामान मौके पर छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है।
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के तहत सुरक्षाबल सारंडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। इसी क्रम में कोबरा 209 बटालियन और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम सोनुवा के केडबीर जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। अभियान के दौरान जवान जब जंगल के अंदर आगे बढ़ रहे थे, तभी वहां छिपे नक्सलियों के दस्ते ने पुलिस टीम को देखकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों की ओर से हुई गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।
सुरक्षाबलों की जवाबी फायरिंग के बाद जंगल में दोनों ओर से कुछ देर तक ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जवानों की आक्रामक कार्रवाई को देखकर नक्सली दबाव में आ गए और अपनी अस्थायी ठिकानों से सामान छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकले। घटनास्थल से पुलिस ने रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई वस्तुएं बरामद की हैं। हालांकि अभी तक किसी नक्सली के मारे जाने या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
झारखंड पुलिस के आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक्सचेंज ऑफ फायरिंग हुई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से नक्सलियों के उपयोग की कई सामग्री बरामद की गई है और पूरे इलाके में सर्च अभियान को और तेज कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि भागे हुए नक्सली आसपास के जंगलों में छिपे हो सकते हैं, इसलिए जवान लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिस इलाके में मुठभेड़ हुई, वहां नक्सलियों का छोटा दस्ता लंबे समय से सक्रिय था। जंगलों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर नक्सली यहां अपने अस्थायी ठिकाने बनाकर रहते थे। जैसे ही कोबरा 209 बटालियन के जवान उनके करीब पहुंचे, नक्सलियों के संतरी ने अपने साथियों को सतर्क कर दिया। इसके बाद नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि चाईबासा और सारंडा क्षेत्र अब नक्सलियों के बचे हुए अंतिम ठिकानों में शामिल हैं। यही कारण है कि पुलिस और केंद्रीय बल लगातार इन इलाकों में अभियान चलाकर नक्सल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के महीनों में कई बड़े नक्सली ठिकानों का खुलासा हुआ है और सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान भी बरामद किए हैं। इस ताजा मुठभेड़ को भी उसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
फिलहाल मुठभेड़ के बाद पूरे जंगल क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षाबल जंगल के अंदर लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि भागे हुए नक्सलियों को पकड़कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आसपास के ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बहाल करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।


