Latehar : लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब स्कूली बच्चों को लेकर लौट रही एक सवारी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में आठ से अधिक बच्चे घायल हो गए, जबकि दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
जानकारी के अनुसार, बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित सैंट क्लारेट स्कूल के बच्चे छुट्टी के बाद वाहन से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चालक ने दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार और असंतुलन के कारण वाहन नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे खेत में पलट गया। हादसे के वक्त वाहन में कई स्कूली बच्चे सवार थे।
दुर्घटना होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्चों को वाहन से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही अंचल अधिकारी लवकेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
घायल बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ बच्चों को उनके अभिभावक निजी अस्पतालों में भी लेकर गए। प्रशासन के अनुसार, दो बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। हालांकि बाकी सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद प्रशासन ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अंचल अधिकारी लवकेश सिंह ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र के सभी स्कूल प्रबंधनों को नोटिस जारी कर बैठक बुलाई जाएगी। स्कूलों को निर्देश दिया जाएगा कि बच्चों को ले जाने वाले वाहन पूरी तरह फिट हों और उनके चालक प्रशिक्षित एवं अनुभवी हों। साथ ही पुराने और जर्जर वाहनों को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले महुआडांड़ क्षेत्र में भी एक स्कूली वाहन हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को स्कूल वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्ती बरतनी चाहिए।
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की जिंदगी से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और स्कूल प्रबंधन को सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


