East Singhbhum : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में महिलाओं ने गांव में बढ़ती शराब और हड़िया बिक्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पोटका प्रखंड के मानपुर गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं ग्राम प्रधान गोपाल चंद्र मुर्मू के नेतृत्व में पोटका थाना पहुंचीं और गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
महिलाओं का कहना है कि गांव में खुलेआम शराब और हड़िया की बिक्री होने से सामाजिक और पारिवारिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब के कारण घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और महिलाएं तथा बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के अनुसार, शराब पीकर घर लौटने वाले कई पुरुष परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करते हैं, जिससे गांव में तनाव और भय का वातावरण बन गया है।
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि इससे पहले भी गांव में शराबबंदी को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया था। गांव की महिलाओं ने रैली निकालकर लोगों से शराब और हड़िया का सेवन बंद करने की अपील की थी। इसके अलावा घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में समझाया गया था। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद शराब बेचने वाले लोग अपने कारोबार को जारी रखे हुए हैं।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोग उन्हें खुलेआम धमकी भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि शराब बेचने वालों ने साफ शब्दों में कहा कि “जो करना है कर लो, शराब और हड़िया की बिक्री बंद नहीं होगी।” इस तरह की धमकियों से ग्रामीण महिलाएं आक्रोशित हैं और उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम प्रधान गोपाल चंद्र मुर्मू के साथ ग्रामीण प्रतिनिधि सुहागी मुर्मू और पद्मावती भकत ने भी पुलिस अधिकारियों को गांव की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि शराब और हड़िया की वजह से गांव में सामाजिक अव्यवस्था फैल रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और परिवारों में लगातार कलह का माहौल बन रहा है।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि गांव में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और अवैध शराब बेचने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गांव की महिलाएं बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
पोटका थाना पहुंचे इस महिला समूह ने साफ संदेश दिया कि वे गांव में शराबबंदी लागू कराने के लिए अब पीछे हटने वाली नहीं हैं। महिलाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य गांव को नशामुक्त बनाना और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित सामाजिक वातावरण देना है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और गांव में अवैध शराब कारोबार पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।



