Khunti: कर्रा प्रखंड अंतर्गत मेहा गांव में शनिवार को बिजली तार एवं पोल लगाने के विरोध में ग्राम प्रधान टेम्बा हेरेंज की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेहा रोलागुटू, कुर्से, सावड़ा, सरवादाग, बारंगो जरिया, पदमपुर एवं बनकुली समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
बैठक में ग्रामीणों ने मसमानो गांव से होकर विभिन्न गांवों तक बिजली लाइन बिछाने के लिए पोल गाड़ने के कार्य का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में 33 हजार वोल्ट की बिजली लाइन खींचने की तैयारी की जा रही है, जिससे भविष्य में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि इस परियोजना से गांव को किसी प्रकार का सीधा लाभ नहीं मिलेगा और वे अपनी जमीन पर पोल लगाने के लिए “एक इंच जमीन” भी नहीं देंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले से ही इस कार्य का विरोध करते आ रहे हैं और आगे भी विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल कार्य बंद नहीं किया गया तो सभी गांवों के ग्रामीण मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बैठक के दौरान विभाग के एनसीसी इंजीनियर विकास रंजन एवं कांट्रेक्टर अफरोज खान को बुलाकर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया और अपनी आपत्तियों से अवगत कराया।
वहीं ग्रामीणों के विरोध को लेकर बिजली विभाग के तोरपा एसडीओ से फोन पर संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि कर्रा पावर सब-स्टेशन से लोधमा तक 11 हजार केवी का नया बिजली लाइन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस नई लाइन के माध्यम से गांवों में ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति की जाएगी, जिससे वर्तमान में संचालित 11 केवी लाइन पर लोड कम होगा और लोगों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल सकेगी।
एसडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में 33 हजार केवी लाइन का कार्य नहीं चल रहा है और ग्रामीणों को गलत जानकारी मिली है।
बैठक में फ्रेंक्लीन धान, गुडुवा हेरेंज, जोसेफ हेरेंज, दिलीप हेरेंज, जयराम मुंडा, मंगल हेरेंज, जीवन मुंडा, पौलुस मुंडा, करमा मुंडा, बिमल धान, सुलेमान धान, जेवियर हेरेंज, देवगी हेरेंज, चांहू मुंडा, सालगी हेरेंज, मुनिका हेरेंज समेत मेहा रोलागुटू एवं आसपास के गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।



