Jamshedpur : जमशेदपुर में बुधवार को राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया जब भारतीय जनता पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और एक-दूसरे की सरकारों पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि झारखंड में बिजली, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच गांव से लेकर शहर तक लोग बिजली कटौती और जल संकट से परेशान हैं।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता मिट्टी के घड़े लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध जताया। रघुवर दास ने कहा कि खराब बिजली व्यवस्था के कारण अस्पतालों में मरीजों की जान तक जा रही है और राज्य का स्वास्थ्य विभाग “आईसीयू” में पहुंच चुका है।
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उन्होंने बागबेड़ा ग्रामीण बृहत जलापूर्ति योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 2018 में जिस योजना से लोगों को पानी मिलना था, वह आज तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी। उनके अनुसार इससे साफ है कि राज्य सरकार जनहित की योजनाओं को लागू करने में विफल रही है।
वहीं दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जेएमएम कार्यकर्ता लकड़ी लेकर पहुंचे और महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता लगातार आर्थिक दबाव झेल रही है।
पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और रसोई गैस समेत जरूरी वस्तुओं के दाम आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को “पूंजीपतियों की सरकार” बताते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
दोनों दलों के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जिला उपायुक्त कार्यालय के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं।



