Garhwa: झारखंड के गढ़वा में भीषण गर्मी के बीच पानी और बिजली की समस्या को लेकर भाजपा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से ‘घड़ा फोड़’ प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। इस दौरान कई नेता सिर पर घड़ा रखकर सड़कों पर उतरे।
यह प्रदर्शन भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही और गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय के बाहर आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय का घेराव करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाजपा नेताओं ने अपने संबोधन में हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि राज्य की जनता बिजली और पानी की समस्या से जूझ रही है, जबकि सरकार और अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं में भारी अनियमितता और धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
भानु प्रताप शाही ने दावा किया कि झारखंड देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है जहां जल मिशन योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना में मंत्री और अधिकारियों के बीच पैसे की बंदरबांट की गई है, जिससे आम जनता को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, भाजपा के इस प्रदर्शन पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने पलटवार किया। उन्होंने इसे “दिखावे की राजनीति” करार देते हुए कहा कि जो नेता आज विरोध कर रहे हैं, वे खुद पहले सत्ता में रहते हुए पानी की समस्या का समाधान नहीं कर पाए।
मिथिलेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि विधायक रहते हुए पेयजल योजनाओं के नाम पर घोटाले हुए हैं और इसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि क्षेत्र में अभी भी पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन उनके कार्यकाल में जल मिशन के तहत काम में उल्लेखनीय प्रगति हुई थी।
कुल मिलाकर, पानी और बिजली जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर गढ़वा में सियासत तेज हो गई है। एक ओर भाजपा सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ पक्ष इन आरोपों को खारिज कर विपक्ष पर ही सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और गर्माने की संभावना है।


