Khunti: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को खूंटी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। असंगठित कामगार मोटिया मजदूर किसान संघ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष सयूम अंसारी ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूरों, किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डालसा (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के सहायक एलएडीसी अमरदीप कुमार ने मजदूरों के अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को मजदूरों के हक के लिए आवाज उठानी चाहिए और उनके हितों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं।
इस मौके पर डालसा के अधिवक्ता मदन कुमार गंजू ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1 मई को यह दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि अमेरिका में मजदूरों से 14 घंटे काम लिया जाता था। इसके खिलाफ मजदूरों ने 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर आंदोलन किया, जिस पर दमनात्मक कार्रवाई करते हुए गोली चलाई गई, जिसमें कई मजदूरों की जान चली गई। उसी संघर्ष की याद में हर वर्ष 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है।
विशिष्ट अतिथि वार्ड संख्या 9 के पार्षद विनय नायक ने कहा कि मोटिया और रिक्शा चालक जैसे मजदूर अपनी शारीरिक मेहनत से जीवन यापन करते हैं, लेकिन उन्हें उनके श्रम का उचित प्रतिफल नहीं मिल पाता। ऐसे में सरकार को इनके कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। 
अध्यक्ष सयूम अंसारी ने कहा कि 1 मई 1886 के ऐतिहासिक आंदोलन के बाद से ही पूरे विश्व में मजदूर दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने मजदूरों की एकता और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान रेजा-कुली मजदूरों को अंगवस्त्र, गमछा और गंजी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही डाक बंगला खूंटी से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जो नेताजी चौक, ऊपर चौक पेट्रोल पंप, भगत सिंह चौक होते हुए पुनः डाक बंगला परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ।
इस अवसर पर संगठन का विस्तार करते हुए रांची जिला अध्यक्ष पद पर हरीश हसन उर्फ राजा की घोषणा की गई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मजदूर नेता धर्मेंद्र मांझी, विक्रम महतो, प्रखंड अध्यक्ष आनंद कोंगडी, युवा प्रखंड अध्यक्ष डेविड हमसोए, मोहम्मद आरिफ, इमरान अंसारी, शाहबाज अंसारी, आमिर कुरैशी, सुशांति डांग, रेखा देवी, पूसो देवी, झालो देवी, करीना कुमारी, आशा कुमारी, अरविंद कुमार, अशोक मुंडा, सोम मुंडा, गणेश उरांव, रमेश महतो, दुर्गा चरण मुंडा सहित सैकड़ों मजदूर-किसान मौजूद रहे।



