Khunti: रनिया–सोदे मुख्य पथ पर स्थित सरबो घाटी में मंगलवार सुबह एक बार फिर बड़ा सड़क हादसा हो गया। सीमेंट लदा 12 चक्का ट्रक खतरनाक ढलान पर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें चालक समेत चार लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दुर्घटना की भयावहता ने एक बार फिर इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक तोरपा से सोदे की ओर सीमेंट लेकर जा रहा था। सुबह के समय जैसे ही वाहन सरबो घाटी के तीखे और जोखिम भरे ढलान पर पहुंचा, अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की भरसक कोशिश की, लेकिन ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रक का ट्रॉली हिस्सा चेसिस से अलग हो गया और सीमेंट से भरे बोरे सड़क पर बिखर गए।
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और ट्रक में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। इसी दौरान सूचना मिलते ही रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुंभकार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया भेजा गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। घायलों में चालक नवीन कुमार (बिहार) के अलावा मजदूर शिशिरण टोपनो, तोड़ना साहू और एक अन्य शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के दौरान एक मजदूर ट्रक के नीचे दब गया था, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता के चलते उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सरबो घाटी बनती जा रही ‘मौत की घाटी’
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण सरबो घाटी अब लोगों के बीच ‘मौत की घाटी’ के नाम से चर्चित होती जा रही है। केवल इसी महीने यहां तीन बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।
2 अप्रैल: चावल लदा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े दो सगे भाइयों को कुचलते हुए पलट गया था, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
9 अप्रैल: लोहा लदा ट्रेलर पलटने से उपचालक की मौत हो गई थी।
और आज फिर से हुआ हादसा जिसमें सीमेंट लदा ट्रक पलटने से चार लोग घायल।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरबो घाटी का ढलान अत्यंत खतरनाक है, जहां न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत हैं और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
प्रशासन से उठी सख्त मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं। इसमें प्रमुख रूप से—
खतरनाक मोड़ों और ढलानों पर चेतावनी संकेत बोर्ड लगाना
स्पीड कंट्रोल के लिए ब्रेकर या बैरिकेडिंग की व्यवस्था
सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण
नियमित ट्रैफिक निगरानी
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सरबो घाटी में हादसों का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा और यह इलाका सच में ‘मौत की घाटी’ बनकर रह जाएगा।



