Ranchi: झारखंड की राजधानी Ranchi में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता Ritu Chaudhary ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर सरकार जनता को गुमराह कर रही है और असल मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
ऋतु चौधरी ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक नहीं, बल्कि परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव लाया गया था, जिसे विपक्षी दलों ने मिलकर खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की Bharatiya Janata Party (भाजपा) सरकार इस मुद्दे पर दुष्प्रचार कर रही है और कांग्रेस को महिला विरोधी दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों को लेकर हमेशा सकारात्मक रहा है। आजादी के समय से ही पार्टी ने महिलाओं के हक की बात की और पंचायती राज तथा शहरी निकायों में उन्हें आरक्षण दिलाने का काम किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस चाहती है कि लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी उनकी जनसंख्या के अनुसार हिस्सेदारी मिले।
ऋतु चौधरी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह ओबीसी महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर जो बिल लाया गया, उसके पीछे सरकार की असली मंशा परिसीमन लागू करना था, जिससे राजनीतिक लाभ लिया जा सके। इसीलिए विपक्ष ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023 में विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने में सहयोग किया था, लेकिन सरकार ने 2024 के चुनाव से पहले इसे लागू नहीं किया। उनके अनुसार, यदि सरकार की नीयत साफ होती तो महिलाओं को उसी समय इसका लाभ मिल जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना और परिसीमन की शर्तें जोड़कर सरकार ने इसे जानबूझकर टाल दिया।
प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश के नाम संबोधन में कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश की गई और महिलाओं के मुद्दे पर झूठ बोला गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मनमाने तरीके से परिसीमन लागू करना चाहती है, जैसा कि पहले Jammu and Kashmir में किया गया था।
ऋतु चौधरी ने दावा किया कि प्रस्तावित परिसीमन से देश के कई हिस्सों—जैसे उत्तर-पूर्व, गोवा और दक्षिण भारत—पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता था और इन क्षेत्रों को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने इसे देश की एकता के लिए भी खतरा बताया।
उन्होंने यह भी बताया कि Sonia Gandhi ने 2017 में और Rahul Gandhi ने 2018 में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण बिल लाने की मांग की थी। कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि संसद की 543 सीटों पर तुरंत महिला आरक्षण लागू किया जाए, ताकि 2029 तक महिलाओं की भागीदारी 181 सीटों तक पहुंच सके।
भाजपा पर पलटवार करते हुए ऋतु चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके कई सांसद महिलाओं से जुड़े अपराधों में आरोपी हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का रहा है। उन्होंने Indira Gandhi और Annie Besant जैसी हस्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें सतीश पॉल मुंजनी, राकेश सिन्हा, कमल ठाकुर और सोनाल शांति शामिल थे। कुल मिलाकर, महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, जो आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है।



