Deoghar: झारखंड के देवघर में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने वाले विपक्षी दल जब उन्हें राजनीतिक भागीदारी देने की बात आती है, तो विरोध करने लगते हैं।
ईटीवी भारत से बातचीत में अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर ये दल महिलाओं के विकास को लेकर सवाल उठाते हैं, वहीं दूसरी ओर महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करते हैं, जो उनके असली चरित्र को उजागर करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी आरक्षण को संवैधानिक दर्जा देने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया, लेकिन विपक्ष अब इस मुद्दे को उठाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, महिला आरक्षण बिल पास होने के समय ही कांग्रेस को ओबीसी आरक्षण की याद आना राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है।
राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय मंत्री ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था “राम भरोसे” है और सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रही है।
रिम्स में डेंटल छात्रा के साथ दुष्कर्म और एक मासूम बच्ची के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उनका आरोप है कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा से ज्यादा अन्य मामलों में व्यस्त है, जिससे अपराध बढ़ रहे हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड में महिला आयोग का गठन नहीं होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर गंभीरता की कमी है, खासकर संथाल क्षेत्र में महिलाओं के साथ हो रही घटनाएं चिंता का विषय हैं।
बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल के विरोध का असर चुनाव में दिखेगा। उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की महिलाएं इस बार भाजपा के पक्ष में मतदान कर विपक्ष को जवाब देंगी।


