Dhanbad: झारखंड के धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड अंतर्गत लाहबेड़ा गांव में पानी को लेकर पुराना विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। यहां एक गुट द्वारा दूसरे गुट को पानी लेने से रोक दिए जाने के कारण भीषण गर्मी में जल संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, रूपन पंचायत के इस गांव में करीब 15 वर्षों से दो गुटों के बीच विवाद चला आ रहा है। पहले यह विवाद आपसी तनाव तक सीमित था, लेकिन अब यह बुनियादी जरूरत पानी तक पहुंच गया है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
नीचे टोला के ग्रामीणों का आरोप है कि ऊपर टोला के लोगों ने उन्हें गांव के तालाब, कुएं और चापाकल से पानी लेने पर रोक लगा दी है। इस वजह से गर्मी के मौसम में उनके सामने पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। मजबूर होकर ग्रामीणों ने झारखंड पुलिस के पास जाकर पूर्वी टुंडी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस विवाद की जड़ 15 साल पहले आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर शुरू हुई थी। हाल ही में गांव में आयोजित एक बैठक में नीचे टोला के लोग शामिल नहीं हुए थे, जिसके बाद कथित रूप से उन्हें जलस्रोतों से वंचित कर दिया गया।

गांव के लोगों का कहना है कि जिन जलस्रोतों से पानी लेने पर रोक लगाई गई है, वे मनरेगा योजना के तहत बनाए गए हैं और सरकारी चापाकल भी गांव में मौजूद हैं। ऐसे में किसी एक गुट द्वारा दूसरे को पानी से वंचित करना न केवल अमानवीय है, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी गंभीर मामला है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्वी टुंडी थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में गांव में बैठक कर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल, प्रशासन के हस्तक्षेप की उम्मीद में नीचे टोला के लोग राहत की आस लगाए हुए हैं। यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक समरसता और बुनियादी सुविधाओं के समान अधिकार को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।


