Jamshedpur: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मंगलवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेनों को 5-6 घंटे की देरी हो रही है, जिससे यात्रियों, मजदूरों और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इस धरने में विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए।
सरयू राय ने कहा कि चक्रधरपुर से टाटानगर की दूरी तय करने में सामान्यतः कम समय लगना चाहिए, लेकिन वर्तमान में ट्रेनें कई घंटे देरी से पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि चांडिल, कॉन्ट्रा और रखा माइंस जैसी स्टेशनों तक ट्रेनें समय पर पहुँचती हैं, लेकिन जमशेदपुर आते-आते 3-4 घंटे की देरी हो जाती है।
धरने के दौरान उन्होंने चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया द्वारा दी गई बात का जिक्र किया। डीआरएम ने प्लेटफॉर्म की कमी और मालगाड़ियों के लिए अलग लूप लाइन न होने को देरी का कारण बताया था, लेकिन सरयू राय ने कहा कि ऐसे बुनियादी काम वर्षों पहले पूरे हो जाने चाहिए थे और यह तर्क अब स्वीकार्य नहीं है।
सरयू राय ने आरोप लगाया कि कई बार यात्री ट्रेनों को सुदूर इलाकों में रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ट्रेनों में पैंट्री कार नहीं होती, जिससे बच्चों और यात्रियों को भोजन की समस्या का सामना करना पड़ता है।
विधायक ने कहा कि ट्रेन की देरी का असर मजदूरों और आम लोगों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। देर से पहुंचने के कारण मजदूरों की हाजिरी कट जाती है, टेंपो चालकों और अन्य वर्गों की आमदनी प्रभावित होती है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से सवाल किया कि प्राथमिकता किसे दी जानी चाहिए—यात्री ट्रेनों को या मालगाड़ियों को।
सरयू राय ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ट्रेनों की देरी की समीक्षा के लिए समिति बनाई जाएगी और रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन उनके व्यक्तिगत विवेक से शुरू हुआ है, लेकिन इसमें सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को आमंत्रित किया गया है।
विधायक ने अंत में यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे दिल्ली जाकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और रेल मंत्री से मुलाकात करेंगे। उनका उद्देश्य जमीनी हकीकत को उजागर करना और बड़ी घोषणाओं के वास्तविक प्रभाव को सामने लाना है।



