Khunti: खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान शुरू हुआ विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पथराव और उसके अगले दिन दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद हालात संवेदनशील बने हुए हैं। इस बीच पुलिस द्वारा हिंदू समुदाय के कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में केंद्रीय रामनवमी महासमिति खूंटी और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने 30 मार्च से अनिश्चितकालीन खूंटी जिला बंद का आह्वान किया है।

संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक “निर्दोष रामभक्तों” को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता, तब तक बंद जारी रहेगा। इसको लेकर रविवार को केंद्रीय रामनवमी महासमिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग खूंटी थाना पहुंचे जिसमें भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा शामिल रहे, खूंटी थाना पहुंचकर अपनी बातें रखी जहां एसडीपीओ वरुण रजक, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद थे जिनके समक्ष बातें रखी गई जिसमें एक पक्षीय कार्रवाई की आरोप लगाई गई।

इससे पूर्व मुरहू की घटना को लेकर केंद्रीय रामनवमी महासमिति की आपात बैठक भी बुलाई गई, जिसमें प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया गया। महासमिति के अध्यक्ष अनूप कुमार साहू, महामंत्री जितेंद्र कश्यप और प्रियांक भगत ने आरोप लगाया कि शोभायात्रा के दौरान रामभक्तों पर पथराव किया गया, कई लोग घायल हुए, विहिप नेताओं पर जानलेवा हमला हुआ और उनके वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया। उनका कहना है कि “घटना में किसका हाथ है, यह सबको मालूम है, लेकिन कार्रवाई केवल रामभक्तों पर की जा रही है।”
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मुरहू में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान मस्जिद गली में पथराव की घटना हुई थी। उस समय मुरहू थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को थाना बुलाकर समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था। 
लेकिन इसके अगले दिन शनिवार को स्थिति फिर बिगड़ गई और दोनों समुदायों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए खूंटी की अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी और अन्य अधिकारियों के प्रयास से हालात को काबू में किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन का पक्ष
शनिवार रात पुलिस ने हिंदू समाज के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके विरोध में गानालोया गांव के ग्रामीणों ने मुरहू थाना के समक्ष प्रदर्शन किया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान खूंटी एसडीपीओ वरुण रजक, अंचल अधिकारी, मुरहू थाना प्रभारी, मारंगहदा थाना प्रभारी और सायको थाना प्रभारी सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
एसडीपीओ वरुण रजक ने कहा कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “किसी के साथ कोई भेदभाव या पक्षपात नहीं किया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने दोनों पक्षों से अपील करते हुए कहा कि “यदि किसी पर हमला हुआ है और वे कानूनी कार्रवाई चाहते हैं, तो लिखित शिकायत दें, जिस पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
एसडीपीओ ने जानकारी दी कि अब तक इस मामले में कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनके आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। एसडीपीओ ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और किसी भी सूचना की पुष्टि करने के बाद ही कोई कदम उठाएं।
तनाव बरकरार, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।



