Khunti: झारखंड के ऐतिहासिक और वीरभूमि खूंटी में कल 28 मार्च को देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का आगमन होने जा रहा है। उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उपराष्ट्रपति अपने कार्यक्रम के तहत भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु पहुंचेंगे, जहां वे उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही वे बिरसा मुंडा के वंशजों से मुलाकात कर उनसे बातचीत भी करेंगे। 
पूर्व राज्यपाल से उपराष्ट्रपति तक का सफर, झारखंड से जुड़ाव
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन इससे पहले झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर आम लोगों से संवाद स्थापित किया था और विकास कार्यों की जानकारी ली थी। ऐसे में वे राज्य की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं।
झारखंड के संदर्भ में यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू वर्तमान में देश की राष्ट्रपति हैं। राज्यपाल रहते हुए उन्होंने भी झारखंड के दूर-दराज इलाकों में जाकर लोगों की समस्याओं को समझा था। इसी कड़ी में अब एक और पूर्व राज्यपाल का देश के उपराष्ट्रपति पद पर होना झारखंड के लिए विशेष महत्व रखता है।
विकास की उम्मीदों के बीच दौरा
उपराष्ट्रपति का यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि खूंटी सहित आसपास के क्षेत्रों में आज भी विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी है। उलिहातु जैसे ऐतिहासिक स्थल पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री पहले भी आ चुके हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि क्षेत्र अब भी बुनियादी सुविधाओं और समुचित विकास की प्रतीक्षा कर रहा है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि इस दौरे से विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिल सकती है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हेलीपैड तैयार
उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उलिहातु से करीब 9 किलोमीटर दूर किताहातु गांव के समीप दो हेलीपैड बनाए गए हैं। हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद उपराष्ट्रपति सड़क मार्ग से उलिहातु पहुंचेंगे। 
कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जिले की उपायुक्त आर. रॉनिटा और पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने स्वयं मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
जिला प्रशासन इस दौरे को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोगों में इस ऐतिहासिक दौरे को लेकर उत्साह और उम्मीद दोनों देखी जा रही है।



