Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में एलपीजी गैस की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस वितरण व्यवस्था को सुधारने और उपभोक्ताओं को राहत देने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधि तथा स्थानीय एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स भी शामिल हुए। इस दौरान गैस आपूर्ति से जुड़ी कई समस्याओं—जैसे डिलीवरी में देरी, बुकिंग सिस्टम की तकनीकी दिक्कतें और कुछ इलाकों में सिलेंडर की कमी—पर गंभीरता से विचार किया गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में एलपीजी की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम करें। उन्होंने वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, समय पर गैस डिलीवरी सुनिश्चित करने और अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके अलावा, पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए एक विशेष टीम के गठन का भी निर्णय लिया गया।
उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब लोग ईमेल के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, व्हाट्सएप नंबर 9430328080 के जरिए भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है, जिससे शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिलीवरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए कई स्तरों पर निगरानी तंत्र भी मजबूत किया जा रहा है।
इसके अलावा, गैस एजेंसियों पर होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए जरूरत पड़ने पर दंडाधिकारी और सुरक्षा बलों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैध उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के समय पर गैस उपलब्ध हो सके।
अंत में, जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और अनावश्यक रूप से गैस की बुकिंग न करें। साथ ही, जहां संभव हो, वहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को अपनाने की सलाह दी गई है, जिसे सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है।


