Ranchi: रांची में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने आईएएस राजीव रंजन पर आरोप लगाया कि उन्होंने 24 घंटे के लिए परिवहन आयुक्त बनकर नियमों की अवहेलना की। अजय साह ने सरकार से इस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की मांग की है।
प्रेस वार्ता के दौरान अजय साह ने कहा कि 10 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 24 जारी कर IAS राजीव रंजन ने परिवहन आयुक्त के सभी अधिकार स्वयं अपने पास ले लिए। अगले दिन, 11 मार्च को कार्यालय आदेश संख्या 25 के माध्यम से उन्होंने अपने ही आदेश को निरस्त कर दिया। इसके जरिए, उनका कहना है कि रंजन ने 24 घंटे के लिए खुद को परिवहन आयुक्त के रूप में स्थापित किया।
भाजपा प्रवक्ता का आरोप है कि यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और राज्य सरकार की आधिकारिक गजट अधिसूचनाओं का उल्लंघन है। अजय साह ने इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताया और मांग की कि इस अवधि में लिए गए सभी फैसलों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इन 24 घंटों में पास की गई सभी फाइलों, स्वीकृत या अस्वीकृत प्रस्तावों में कोई अनियमितता या व्यक्तिगत लाभ की कोशिश तो नहीं हुई।
अजय साह ने सरकार से आग्रह किया कि यह मामला गंभीरता से लिया जाए और किसी भी प्रकार की पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं और जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं।
वहीं, इस मामले पर IAS राजीव रंजन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की आंतरिक समीक्षा की जा सकती है।
भाजपा प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर कदम उठाए जा सकते हैं। इस प्रकरण ने राज्य प्रशासन और नियमों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।



