Ranchi: रांची में JTET अभ्यर्थियों के समर्थन में आज बबलू महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अभ्यर्थियों को नैतिक समर्थन देने पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन द्वारा अचानक किया गया लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
बबलू महतो ने बताया कि JTET अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। इसके बावजूद उनकी आवाज अनसुनी की गई और उन पर बल प्रयोग किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए और क्षेत्र में भय का माहौल फैल गया।
उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, तो लाठीचार्ज की आवश्यकता क्यों पड़ी। यह कार्रवाई न केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि युवाओं के मनोबल को भी तोड़ने का प्रयास है। उनका कहना था कि प्रशासन को पहले संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बबलू महतो ने राज्य सरकार से भी कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या युवाओं की आवाज को इसी तरह दबाया जाएगा या सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान करेगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इसके साथ ही उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा कि घायल अभ्यर्थियों और समर्थकों को उचित इलाज और मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही सरकार को JTET अभ्यर्थियों की मांगों पर तुरंत सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
बबलू महतो ने जोर देकर कहा कि वे अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़े हैं और आगे भी उनका समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने सभी युवाओं और आम लोगों से अपील की कि वे शांति और संयम बनाए रखें, लेकिन अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखें।
इस पूरे मामले ने सियासी हलचल बढ़ा दी है, और अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


