Palamu: झारखंड के पलामू जिले में हुए एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट मामले ने गंभीर लापरवाही और अवैध गतिविधियों का बड़ा खुलासा किया है। इस घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए गैस एजेंसी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एजेंसी मालिक अजय कुमार साहू के खिलाफ बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मेदिनीनगर सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी जागो महतो के आवेदन पर टाउन थाना में की गई।
टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने पुष्टि की कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि घटना रविवार को बैरिया चौक के पास एक घर में हुई, जहां एलपीजी सिलेंडर के फटने से बड़ा हादसा हो गया।
इस विस्फोट में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
जांच के दौरान सामने आया कि जिस स्थान पर ब्लास्ट हुआ, वह एक अवैध गैस गोदाम था। यह गोदाम पांडू थाना क्षेत्र में संचालित एजेंसी से जुड़ा हुआ था, जहां एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही थी। इसी अवैध गतिविधि के दौरान सिलेंडर में विस्फोट हुआ।
घटनास्थल से 5 भरे हुए, 35 खाली और 21 कमर्शियल सिलेंडर बरामद किए गए। साथ ही यह भी आरोप है कि 36 सिलेंडरों को एजेंसी मालिक द्वारा गायब करवा दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सैंपल इकट्ठा किए हैं।
जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में एजेंसी के लाइसेंस को रद्द करने की सिफारिश की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी का संचालन पांडू क्षेत्र में हो रहा था, जबकि भंडारण मेदिनीनगर में किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी उजागर हुई है। जांच के बाद टीओपी-3 प्रभारी और पेट्रोलिंग टीम प्रभारी समेत कुल 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जिससे यह साफ है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यापक कार्रवाई की जा रही है।


